Noida E Bus: नोएडा में ई-बस सेवा शुरू हो चुकी है, लेकिन शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। कई बसों में पूरे दिन गिनती के यात्री ही दिखाई दिए। बस कर्मचारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में लोगों को अभी तक इस नई सेवा के बारे में पता ही नहीं है। रूट समझने में चालकों को भी हो रही परेशानी एक चालक ने बताया कि वह सोमवार को आगरा से नोएडा पहुंचे हैं। नए रूटों की पूरी जानकारी नहीं होने के कारण उन्हें रास्ता समझने के लिए गूगल मैप और आसपास के लोगों की मदद लेनी पड़ रही है। एक घंटे इंतजार, फिर भी नहीं मिली सवारी सेक्टर-37 से चार मूर्ति रूट पर चल रही एक बस के परिचालक ने बताया कि पहले फेरे में करीब एक घंटे तक बस खड़ी रही, लेकिन कोई यात्री नहीं आया। कई स्टॉप से बस गुजरी, फिर भी सीटें खाली रहीं। सिर्फ 10 लोग चढ़े एक अन्य चालक के मुताबिक उनकी बस में पूरे दिन में करीब 10 यात्रियों ने सफर किया। उनका कहना है कि लोग अभी भी ऑटो से ही यात्रा करना पसंद कर रहे हैं, क्योंकि ई-बसों की जानकारी उन तक नहीं पहुंची है। ऑटो पर भरोसा, बसों की ओर कम रुख मोरना डिपो पर तैनात कर्मचारियों का कहना है कि हर स्टॉप पर यात्रियों को बस के बारे में बताया जा रहा है। इसके बावजूद अधिकांश लोग सिटी सेंटर, सेक्टर-52 और अन्य जगहों के लिए ऑटो का ही इस्तेमाल कर रहे हैं। टाइमिंग को लेकर लोगों में भ्रम ग्रेटर नोएडा वेस्ट के एक मूर्ति गोलचक्कर और चार मूर्ति इलाके में मंगलवार सुबह ई-बसें चलीं और कुछ यात्रियों ने सफर भी किया। हालांकि बस कब आएगी और कितनी देर में अगली बस मिलेगी, इसे लेकर लोगों में साफ जानकारी नहीं है। ऑनलाइन डैशबोर्ड से मिलेगी मदद शहर में 100 ई-बसों का संचालन शुरू हो चुका है। फिलहाल यात्रियों की सबसे बड़ी शिकायत बसों की टाइमिंग, फ्रीक्वेंसी और स्टॉपेज को लेकर है। इन समस्याओं को देखते हुए नोएडा अथॉरिटी ने यूपीएसआरटीसी से 10 दिन के भीतर ऑनलाइन डैशबोर्ड तैयार करने को कहा है, ताकि यात्रियों को बसों की जानकारी आसानी से मिल सके। ये भी पढ़ें: 9 साल के प्रेम विवाह का दर्दनाक अंत, दुपट्टे से गला घोंटकर पत्नी की हत्या